लगाए अपना दिमाग-पूछ कटे तो सीता, सिर कटे तो मित्र, मध्य कटे तो खोपड़ी, बड़ी विचित्र ये पहेली

लगाए अपना दिमाग-पूछ कटे तो सीता, सिर कटे तो मित्र, मध्य कटे तो खोपड़ी, बड़ी विचित्र ये पहेली मुझे पहले की आज हम बात कर रहे हैं। वह पहले काफी ज्यादा कठिन है और बहुत ही ज्यादा विचित्र पहेली है तो इस पहेली का चलिए ढूंढ निकालते हैं। इस पहेलियां का क्या होगा आंसर?

बूझो तो जाने

आप सभी ने पहेलियां अपनी दादी नानी काकियों से तो जरूर सुनी होगी। पहेलियां जो कुछ गेम की तरह होती है जिसमें काफी ज्यादा दिमाग लगता है सुलझाने के लिए जो आज आपसे हम जो पहेलियां पूछ रहे हैं, वह पहेलियां है कि पूछ कटे तो सीता, सिर कटे तो मित्र, मध्य कटे तो खोपड़ी,बड़ी विचित्र ये पहेली तो चलिए खोज निकाले इस पहेली का अंसार।

लगाए अपना दिमाग-पूछ कटे तो सीता, सिर कटे तो मित्र, मध्य कटे तो खोपड़ी, बड़ी विचित्र ये पहेली

यह भी पढ़े बूझो तो जाने-खाने में ऐसी कौनसी है, जो हजारों सालों तक ख़राब नहीं होती है, बताए क्या है वो चीज

उत्तर

अगर आपको इस पहेली का उत्तर मिल गया हो तो आपको हमारी तरफ से बहुत सारी बधाइयां। पर अभी तक जिनको इस पहेली का आंसर नहीं मिला तो उनको निराश होने की कोई जरूरत नहीं एक कभी-कभी ऐसा होता है। पहेली का आंसर अपने आंखों के और सामने होता है। पर अपन इस पहेली का पूछने का जो तरीका होता है वह बहुत ज्यादा कठिन होता है। उस वजह से आंसर हम ढूंढ कर नहीं निकाल पाते। इसका आंसर यह है।

उत्तर -सियार

यह भी पढ़े बूझो तो जाने-दिन में सोये,रात को रोये, जितना भी रोये, उतना खोये, बताओ क्या? ?

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now