सुनहरा दूध देने वाली इस गाय के गौमूत्र से फसलें भी देती हैं 4 गुना मुनाफा, जानिए किन विशेष बातों से है दुनियाभर में मशहूर

सुनहरा दूध देने वाली इस गाय के गौमूत्र से फसलें भी देती हैं 4 गुना मुनाफा, जानिए किन विशेष बातों से है दुनियाभर में मशहूर आइये आपको बताते हैं इस गाय की खासियत।

औषद्धीय गुणों से भरपूर है इसका दूध

आज हम आपको गाय की एक ऐसी नस्ल की जानकारी देने जा रहे हैं जिनको सुनहरा दूध देने वाली गाय कहा जाता है। इस गाय का नाम आंध्रप्रदेश के पुंगनूर जिले के नाम पर रखा गया है। इसके दूध में कई औषधीय गुण होते हैं। जिस कारण इस गाय के दूध को गोल्डन मिल्क कहते हैं। इस गाय के दूध में कई बीमारियों को जड़ से खत्म करने की क्षमता होती है। जिस कारण इसका उपयोग कई इलाज बीमारियों में भी किया जाता है। आईए जानते हैं इस गाय की कई विशेष बातों के बारे में।

गौमूत्र भी है बहुत काम का

सुनहरा दूध देने वाली इस गाय के गौमूत्र में भी बहुत क्षमता होती है। इस गाय के गौमूत्र का उपयोग यदि फसलों में किया जाए तो फसलें इससे 4 गुना मुनाफा देती है। पुंगनूर गाय के मूत्र में ऐसे एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। जिनका इस्तेमाल फसलों पर करने से इसमें कभी कीट नहीं लगता और फसलें भी बहुत ही ज्यादा पैदावार देती है। इस गाय का गौमूत्र कई बीमारियों में भी उपयोग किया जाता है जिससे इस गाय का महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है।

सुनहरा दूध देने वाली इस गाय के गौमूत्र से फसलें भी देती हैं 4 गुना मुनाफा, जानिए किन विशेष बातों से है दुनियाभर में मशहूर

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जानिए क्या है खासियत

पुंगनूर गाय सफेद और हल्के भूरे रंग की होती है। इनका माथा चौड़ा होता है और सींग छोटे होते हैं। पुंगनूर गाय की हाइट भी लगभग 2 से ढाई फीट होती है। इसका वजन 200 से 250 किलो ग्राम तक होता है। इसके दूध में कई औषद्धीय गुण भी पाए जाते हैं। इनके दूध की सबसे खास बात यह है कि इसमें मात्र 8 प्रतिशत फैट पाया जाता है। जबकि अन्य गायों में दूध में फैट 5 से 6% होता है। ये गाय 2 से डेढ़ लीटर दूध देती है। यदि आप इनका पालन घर के लिए करते हैं तो यह बहुत ही अच्छी मानी जाती है। इनका दूध और भी कई कामों में काम आता है।

दूध से होता है तिरुपति बालाजी का अभिषेक

पुंगनूर गाय इतनी विशेष होती है कि उनके दूध से तिरुपति बालाजी का अभिषेक भी किया जाता है। साथ ही इनका प्रसाद भी इसी नस्ल की गाय के दूध से तैयार होता है। यह गए देश में लगभग विलुप्त होती जा रही है। इनकी संख्या हाल ही में देश में लगभग 1000 के आस-पास बनी हुई है। जिस कारण लोग इनकी बहुत ही ज्यादा कीमत देने को तैयार रहते हैं। इनकी इतनी ज्यादा कीमत होती है कि इसमें आप आराम से एक आलीशान बंगला बना सकते हैं।

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