झुलझुलाती गर्मी में भी गुड़हल के पौधों में नयी जान डाल देंगी ये केमिकल फ्री खाद, हजारों फूलों से लद जायेगा पौधा

झुलझुलाती गर्मी में भी गुड़हल के पौधों में नयी जान डाल देंगी ये केमिकल फ्री खाद, हजारों फूलों से लद जायेगा पौधा आइये आपको बताते हैं की आप कैसे कर सकते हैं केमिकल फ्री खाद का उपयोग।

हरा-भरा रहेगा गुड़हल का पौधा

गुड़हल का पौधा तो अपने बगीचे में लगाने का शौक सभी को होता है, लेकिन कई बार गुड़हल में फूल ना आने की समस्या बनी रहती है और कई बार गर्मियों में गुड़हल का पौधा सूखने और झुलझुलाने भी लगता है। इसी कारण लोग बहुत ही ज्यादा परेशान हो जाते हैं और कई महंगे महंगे फर्टिलाइजर का उपयोग करने लगते हैं, जिससे गुड़हल के पौधे की जान पूरी ही चली जाती है और वह पूरा ही सूख जाता है। केमिकल युक्त खाद बहुत ही ज्यादा नुकसानदायक होती हैं जिससे हमारे पौधे को बहुत ही ज्यादा नुकसान होता है। आज हम आपको कुछ होममेड केमिकल फ्री खाद के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपके गुड़हल के पौधों में हजारो फूल लाने में सक्षम साबित हो सकती है। आइये आपको बताते हैं कि आप किस तरह कर सकते हैं इसका उपयोग और घर में ही किस तरह कर सकते हैं इन्हें तैयार।

झुलझुलाती गर्मी में भी गुड़हल के पौधों में नयी जान डाल देंगी ये केमिकल फ्री खाद, हजारों फूलों से लद जायेगा पौधा

यह भी पढ़ें तेज धूप से झुलस रहे हैं आपके तुलसी के पौधे, तो आज ही उपयोग करें ये ठंडी खाद…फिर से हो जायेंगे हरे-भरे

गोबर की खाद का दिखेगा असर

गुड़हल के पौधे के लिए गोबर की खाद बहुत ही अच्छी मानी जाती है। गोबर में कैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो कि हमारे गुड़हल के पौधे के लिए काफी अच्छे होते हैं। गोबर की खाद पौष्टिक खादों में से एक मानी जाती है। गोबर की खाद में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटेशियम की मात्रा संतुलित होती है जिससे गुड़हल के पौधे का विकास बहुत ही तीव्र गति से होता है। साथ ही इसमें फूल ना आने की समस्या भी कभी नहीं होती। आप घर में ही गोबर की खाद बना सकते हैं।

केले की खाद करेगी कमाल

केले के छिलके की खाद को आप घर में ही आसानी से तैयार कर सकते हैं। इसकी खाद में पोटेशियम की बहुत ही अच्छी मात्रा होती है जो गुड़हल के पौधे के विकास में अच्छी मानी जाती है। इससे बहुत ही ज्यादा फूल आते हैं और आपके गुड़हल के पौधे की स्थिति भी सुधर जाती है। केले के छिलकों का को सुखाकर आप उनका पाउडर बनाकर रख सकते हैं और इसे सप्ताह में एक से दो बार गुड़हल के पौधे की मिट्टी में मिला सकते हैं। इससे आपके पौधे की ग्रोथ बहुत ही अच्छी होगी।

लकड़ी की राख भी आएगी काम

गुड़हल के पौधे के लिए आप लकड़ी की राख का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। लकड़ी को जलाने से उसकी राख बन जाती है। इसे आप संभालकर किसी कंटेनर में रख सकते हैं। यह राख गुड़हल के पौधों के लिए एक प्राकृतिक उर्वरक माना जाता है जिसमें पोटेशियम और कैल्शियम की मात्रा काफी अच्छी होती है। लकड़ी की राख मिट्टी को क्षारीय बनाने में सहायक होती है जिससे हमारे पौधे का विकास बहुतही तेज होता है।

नीम खली का करें उपयोग

आप नीम खली का उपयोग भी गुड़हल के पौधे के विकास के लिए कर सकते हैं। यदि आपका पौधा गर्मी की वजह से सूख गया है या झुंझला गया है तो आप इसके लिए नीम के बीजों से निकाला गया एक प्राकृतिक कीटनाशक और उर्वरक तैयार कर सकते हैं। नीम खली में नाइट्रोजन और नीम का तेल होता है जो मिट्टी को उपजाऊ बनता है। इससे आप के पौधे कीटों से भी हमेशा बचे रहते हैं।

यह भी पढ़ें How To Grow Bitter Gourd At Home: इस शानदार तरीके से ग्रो बैग में लगाएं करेला मात्र 7 दिनों में मिलेंगे ढेरों करेले, जानिए पूरी प्रोसेस..