पानी में नहीं बल्कि हवा में तैरती नजर आती है नाव, जानिए इस जगह का नाम और किस समय और कैसे जाएं वहां

पानी में नहीं बल्कि हवा में तैरती नजर आती है नाव, जानिए इस जगह का नाम और किस समय और कैसे जाएं वहां। ताकि गर्मियों में इस अद्भुत जगह पर घुमनें जा सके।

हवा में तैरती नजर आती है नाव

आज हम एक ऐसे प्राकृतिक चमत्कार के बारे में जानने वाले हैं, जिसकी तस्वीर आप देख पा रहे हैं। यह एक ऐसी नदी है जिस पर अगर नाव तैरती है तो पता नहीं चलता कि वह पानी में है या हवा में। बता दे कि यह नदी सबसे साफ नदी मानी जाती है। इस नदी में जब कोई नाव पर बैठकर घूमता है तो उसे ऐसा लगता है जैसे कांच के ऊपर नाव रखी है। क्योंकि इसका पानी इतना साफ है कि कांच की तरह आर-पार नज़र आता है। चलिए जानते हैं यह कौन-सी नदी है, कहां पर है, यहां कब और कैसे घूमने जाया जा सकता है।

पानी में नहीं बल्कि हवा में तैरती नजर आती है नाव, जानिए इस जगह का नाम और किस समय और कैसे जाएं वहां

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सबसे साफ़ नदी कहाँ है ?

जिस नदी की हम बात कर रहे हैं यह मेघालय राज्य में स्थित है। जिसका नाम उमंगोट और कुछ लोग इसे डॉकी झील के नाम से भी पुकारते हैं। डॉकी शहर का नाम है, जो की मेघालय में भारत और बांग्लादेश की सीमा पर स्थित है। बता दे कि यह एक छोटा-सा गांव है और यहां स्थित नदी को इसके नाम से भी जानते हैं। इसका पानी क्रिस्टल क्लियर है। जिसके कारण सब कुछ इतना साफ नजर आता है, और यह नदी डॉकी से होते हुए बांग्लादेश में बहती है।

यह नदी मेघालय की राजधानी शिलांग से करीब 78 किलोमीटर की दूरी पर है। अगर आप इस जगह पर घूमने जाना चाहते हैं तो सही समय की बात करें तो नवंबर से मई के बीच का समय अच्छा माना जाता है। जिसमें अगर ना जाने की बात करें तो बारिश के समय यहां न जाए। क्योंकि यह नदी और पहाड़ का एरिया है। फिसलन और मौसम खराब होने की वजह से आपको आने-जाने में दिक्कत होगी। चलिए जानते हैं यहां घूमने अगर जाना हो तो कैसे जाएं।

उमंगोट नदी देखने कैसे जाएँ

नीचे लिखे बिंदुओं के अनुसार जाने यहां पहुंचने के तरीके।

  • मेघालय के डॉकी शहर मे यह उमंगोट नदी देखने जाने के लिए अगर आप ट्रेन से जाना चाहते हैं तो डॉकी में एक रेलवे स्टेशन है। जिसका नाम गुवाहाटी रेलवे स्टेशन है, जो 170 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां पहुंचने के बाद टैक्सी या बस लेकर सड़क के रास्ते होते हुए डॉकी पहुंच सकते हैं। जिसमें 5 घंटे का समय सड़क से वहां पहुंचने में लग जाता है।
  • इसके अलावा गुवाहाटी में एक हवाई अड्डा भी है, जो 200 किलोमीटर है। इस हवाई अड्डे से आप बस या टैक्सी लेकर डॉकी पहुंच सकते हैं।
  • वही जिनका बजट बहुत अच्छा है वह गुवाहाटी से शिलांग तक हेलीकॉप्टर के जरिए जा सकते हैं, और वहां से सड़क के रास्ते डॉकी पहुंच सकते हैं।
  • इसके अलावा अधिकतर यात्री असम के गुवाहाटी के गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जाकर वहां से सड़क के द्वारा डॉकी जाकर। इस नदी को देखते हैं।
  • वहीं अगर डॉकी से अगर सबसे पास हवाई अड्डे की बात की जाए तो शिलांग का उमरोई हवाई अड्डा है, जो कि करीब 100 किलोमीटर की दूरी पर है।

इस तरह आपके पास कई तरह के ऑप्शन है। आप अपने बजट और समय के अनुसार रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डे या हेलीकाप्टर से भी जा सकते हैं।

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