सिर्फ बकरी पालन से शख्स 1 लाख रूपये महीना कमा रहा, देखिये कैसे बदली युवा किसान की किस्मत

सिर्फ बकरी पालन से शख्स 1 लाख रूपये महीना कमा रहा, देखिये कैसे बदली युवा किसान की किस्मत

सिर्फ बकरी पालन से शख्स 1 लाख रूपये महीना कमा रहा, देखिये कैसे बदली युवा किसान की किस्मत बकरी पालन (Goat Farming) एक उभरता हुआ व्यवसाय है, जिसे कम पूंजी और छोटी जगहों में भी आसानी से शुरू किया जा सकता है। महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के निवासी युवा किसान अमोल गंगाराम शिरकर द्वारा बकरी पालन (Bakri Palan) करके मोटा मुनाफा कमाया जा रहा है. उन्हें प्रतिमाह 1 लाख रुपये से भी अधिक का आय प्राप्त हो रहा है।

सिर्फ बकरी पालन से शख्स 1 लाख रूपये महीना कमा रहा, देखिये कैसे बदली युवा किसान की किस्मत

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अमोल बताते हैं कि भारतीय बकरी उद्योग अभी भी अपनी आरंभिक चरण में है, लेकिन अब यह उद्योग संगठित रूप से विकसित हो रहा है। शिरकर एग्रो टेक उद्योग बकरी पालन और सभी प्रकार की बकरी नस्लों के व्यापार में संलग्न है और भारतीय बकरी उद्योग को प्रोत्साहित कर रहा है।

2 महीने की प्रशिक्षण ने किया किस्मत का परिवर्तन

बकरी पालन के व्यवसाय की शुरुआत से पहले अमोल ने सरकारी संस्था से 2 महीने की प्रशिक्षण प्राप्त की. उन्होंने श्रीराम ग्रामीण संशोधन और विकास प्रतिष्ठान, उस्मानाबाद में आयोजित कृषि-क्लिनिक और कृषि-व्यवसाय केंद्र (एसी एंड एबीसी) योजना के तहत उद्यमशीलता कौशल के लिए प्रशिक्षण प्राप्त किया.

सिर्फ 5 लाख रुपये से शुरू किया स्टार्टअप

एसी एंड एबीसी योजना के तहत उन्हें बैंक ऑफ इंडिया (BOI) से 5 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ. इस ऋण के माध्यम से उन्होंने एक बकरी पालन (Goat Farm) यूनिट स्थापित की। प्रारंभ में, उन्होंने उस्मानाबादी बकरी (Osmanabadi goat) के प्रजनन और विक्रय का कार्य किया. विभिन्न नस्लों के बकरियों की बढ़ती मांग को देखते हुए, अमोल ने बकरी व्यापार के लिए विभिन्न बाजारों की खोज की और उनसे संपर्क स्थापित किया।

देखिये विभिन्न नश्लें

अब अमोल जमुनापारी (Jamunapari), शिरोही (Shirohi), कोटा (Kota), और पश्चिम बंगाल (West Bengal) जैसी नस्लों की बकरियों के व्यापार में जुटे हुए हैं। वे सभी प्रकार की बकरी कंसल्टेंसी सेवाएं भी प्रदान करते हैं। उन्होंने लगभग 1000 किसानों को सलाह दी है। नाबार्ड ने उनकी एक्सटेंशन सेवाओं के लिए 36% की सब्सिडी प्रदान की है।

देखिये मुनाफा

शिरकर एग्रो टेक की वार्षिक आय 15 लाख रुपये है। अमोल ने अपनी यूनिट में 3 लोगों के साथ 15 मजदूरों को रोजगार प्रदान किया है। वे 25 गांवों के साथ 1000 से अधिक किसानों की सेवा कर रहे हैं।

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