बूझो तो जाने-जितनी ज्यादा सेवा करता, उतना घटता जाता हूँ। सभी रंग का नीला-पीला, पानी के संग भाता हूँ। बताओ क्या हूँ में

बूझो तो जाने-जितनी ज्यादा सेवा करता, उतना घटता जाता हूँ। सभी रंग का नीला-पीला, पानी के संग भाता हूँ। बताओ क्या हूँ में चलिए लगाए अपना दिमाग।

बूझो तो जाने

आज जी पहली की बात करो उसे पहले को आपको सॉल्व करके दिखाना है। अपने बचपन और मैं अपनी दादी से नानी से पहेलियों के बारे में खूब सुना होगा। पहले कई तरह की होती जैसे कि खेल के माध्यम की भी पहले होती है। कुछ पहेलियां पूछी जाती है जिसमें अपन को दिमाग लगाकर उसकी सुलझाना पड़ता है तो ऐसे ही कुछ एक पहेली आरती लेकर आया है जो कि आपके दिमाग लगाकर सुलझाना है।

बूझो तो जाने-जितनी ज्यादा सेवा करता, उतना घटता जाता हूँ। सभी रंग का नीला-पीला, पानी के संग भाता हूँ। बताओ क्या हूँ में

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जवाब

आपने इस पहेली का आंसर अगर ढूंढ निकाला हो तो आपको बहुत सारी हमारी तरफ से बधाई हो। अगर आपने नहीं ढूंढे तो आपका कोई बात नहीं। इस पहेली का आंसर हम आपको लास्ट में जरूर बताएंगे। पर आपको थोड़ा सा दिमाग लगाकर आप इससे पहले का आंसर समझ सकते थे और आप कभी-कभी ऐसा भी होता है की आंसर सामने होता है पर हम दूर नहीं पाते हैं। वह समझ भी नहीं पाए। कोई बात नहीं नीचे दिया है आप इस पहेली का आंसर!

उत्तर-साबुन

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