इस पत्ते की खेती कर ली तो पैसे गिनने के लिए खरीदना पड़ेगा मशीन, डिमांड इतनी की 100 रुपए में बिकता है छोटा सा गुच्छा

इस पत्ते की खेती कर ली तो पैसे गिनने के लिए खरीदना पड़ेगा मशीन, डिमांड इतनी की 100 रुपए में बिकता है छोटा सा गुच्छा

इस पत्ते की खेती कर ली तो पैसे गिनने के लिए खरीदना पड़ेगा मशीन, डिमांड इतनी की 100 रुपए में बिकता है छोटा सा गुच्छा इसके पत्तों की कीमत भी काफी ज्यादा बनी रहती है जिस कारण किसानों को इसकी खेती से काफी ज्यादा मुनाफा होता है और किसान इससे अपनी कमाई को दोगुना बना सकते हैं। हाल में इसकी खेती किसानों की पहली पसंद बनी हुई है जिससे किसान अपना मुनाफा डबल कर रहे हैं।

इस पत्ते की खेती कर ली तो पैसे गिनने के लिए खरीदना पड़ेगा मशीन, डिमांड इतनी की 100 रुपए में बिकता है छोटा सा गुच्छा

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औषधीय गुणों की है खान

कोलार्ड ग्रींस को कई औषधियों में उपयोग में लाया जाता है जिस कारण इसकी डिमांड भी काफी इसके पत्तों की विदेशों में भी काफी ज्यादा डिमांड है जिस कारण यहाँ के लोग इसकी काफी ऊँची कीमत देने को तैयार हो जाते हैं जिस कारण यहाँ भी इसकी कीमतें काफी ऊँची हो जाती हैं। इसके पत्तों का उपयोग दवाइयां बनाने में भी किया जाता है और ये कई बिमारियों का रामबाण इलाज करने में भी काम आता है।

इस पत्ते की खेती कर ली तो पैसे गिनने के लिए खरीदना पड़ेगा मशीन, डिमांड इतनी की 100 रुपए में बिकता है छोटा सा गुच्छा

जानिए कैसे की जाती है खेती

इस साग को ठंड के मौसम में उगाया जाता है क्योंकि इसके पत्ते ज्यादा ठण्ड वाली जगहों को नहीं झेल पाते है। इस साग को बीजों द्वारा उगाया जा सकता है इसके लिए आपको इसके पौधों के बीच में पर्याप्त दूरी रखनी होती है क्योंकि जब इसके पत्ते पनपते हैं तो उन्हें थोड़ी जगह की आवश्यकता भी होती है। इसमें पानी की आवश्यकता तो होती है लेकिन इस बात का भी ख्याल रखना होता है की इसमें ज्यादा जलभराव ना हो सके।

अन्य सागों के मुकाबले काफी ज्यादा है कीमत

इस साग की डिमांड दवाइयों में उपयोग होने के कारण साल भर बनी रहती है जिस कारण इसकी कीमत काफी ज्यादा होती है। इसका एक गुच्छा करीब 100 से 150 रुपये में बिकता है। जिस कारण इसकी खेती कर किसान अपना मुनाफा दोगुना कर सकते हैं और आसानी से कुछ ही समय में लखपति भी बन सकते है।

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