यूपी में धनुष-बाण के जैसा बना शीशे का पुल, इस दिन से देखने जा सकेंगे लोग, जानिये कितने करोड़ में बना यह Glass Bridge

यूपी में धनुष-बाण के जैसा बना शीशे का पुल, इस दिन से देखने जा सकेंगे लोग, जानिये कितने करोड़ में बना यह Glass Bridge . आज हम प्रदेश के पहले ग्लास स्काई वाक ब्रिज के बारें में पूरी खबर जानेगें।

यूपी का ग्लास स्काई वाक ब्रिज

उत्तर प्रदेश का पहला शीशे से बना पुल बनकर तैयार हो रहा है। यह पुल चित्रकूट में बना है। जिसे तुलसी (शबरी) जलप्रपात के ऊपर बनाया गया है। इस शीशे के पुल की डिजाइन भगवान राम के धनुष और बाण की तरह बनाई गई है। जिसे देखकर आपको ऐसा लगेगा कि एक बड़ा-सा शीशे का धनुष हवा में उड़ रहा है। जिसके ऊपर चल पाएंगे। इस तरह चित्रकूट में भगवान राम के याद में एक और सुंदर चीज देखने को मिलेगी।

साथ ही यहां पर जाकर प्राकृतिक सुंदरता का दर्शन भी कर पाएंगे। क्योंकि इस पुल के ऊपर खड़े होकर जलप्रपात देखेंगे। जिसमें ऊंचाई से पानी गिरता है। जिसकी ऊंचाई 40 फिट है। यानी कि इतनी ऊपर से पानी नीचे जंगल में गिरकर गायब हो जाएगा। इस तरह झरना, चट्टान, जंगल यह सब देखने को मिलेगा। चलिए जानते हैं इस पुल को बनाने में कितना खर्चा आया है, और इसे कब से आम लोग देखने जा सकेंगे।

यूपी में धनुष-बाण के जैसा बना शीशे का पुल, इस दिन से देखने जा सकेंगे लोग, जानिये कितने करोड़ में बना यह Glass Bridge

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शीशे का पुल बनने में कितना आया खर्चा ?

उत्तर प्रदेश का यह अद्भुत पुल भगवान राम की याद में बना हुआ है। भगवन के धनुष बाण का अकार इस ब्रिज को दिया गया है। जिसमें मिली जानकारी के अनुसार आपको बता दे कि इस बाण की लंबाई 25 मीटर है, और धनुष की चौड़ाई 35 मीटर है। वही भार क्षमता की बात की जाए तो प्रति वर्ग मीटर 500 किलोग्राम है। जिसमें इस पुल को बनाने में करीब 3.70 करोड़ खर्चा आया है। जिसका निर्माण वन एवं पर्यटक विभाग ने किया है। इस तरह यह एक बहुत ही खूबसूरत शीशे का पुल बनाया गया है। इससे प्राकृतिक सुंदरता देखने को मिलेगी।

ग्लास ब्रिज देखने कब जा सकते है ?

इस सुंदर शीशे के पुल को आम लोग लोकसभा चुनाव के बाद देखने जा सकेंगे। जी हां आपको बता दे कि यह लोकसभा चुनाव 2024 बीतने के बाद जल्द ही इस पुल को देखने के लिए खोल दिया जाएगा। इसके बाद यह एक तरह से इको टूरिज्म केंद्र बन जाएगा। इसके बाद सभी लोग यहां पर जाकर खूबसूरत जगह का आनंद उठा सकेंगे। यहां पर खाने-पीने के लिए रेस्टोरेंट भी बना रहे हैं। यानी कि किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी।

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