Business Idea: मटके में करें मशरूम की खेती 40 दिनों के अंदर मिलेगी भरपूर पैदावार, ध्यान रखें ये बातें

Business Idea: मटके में करें मशरूम की खेती 40 दिनों के अंदर मिलेगी भरपूर पैदावार, ध्यान रखें ये बातें आइये आपको बताते हैं की आप कैसे कर सकते हैं इसकी खेती।

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आजकल सभी लोग बिजनेस प्लान के बारे में ही सोचते रहते हैं। कोई भी नौकरी करना पसंद नहीं करता है। नौकरी में समय की झंझट के साथ-साथ पैसों की तंगी का सामना भी लोगों को करना पड़ता है। जिस कारण लोग नौकरी करना बिल्कुल भी पसंद नहीं करते, लेकिन बिजनेस करने में होने वाला जोखिम कोई भी उठाना नहीं चाहता है। जिस कारण लोग अपने बिजनेस को करने के लिए पीछे हट जाते हैं, लेकिन आज इस आर्टिकल के माध्यम माध्यम से हम आपको ऐसा तगड़ा बिजनेस प्लान बताने जा रहे हैं, जिनको करके आप बहुत ही कम समय में बहुत ही तगड़ा मुनाफा कमा सकते हैं।

Business Idea: मटके में करें मशरूम की खेती 40 दिनों के अंदर मिलेगी भरपूर पैदावार, ध्यान रखें ये बातें

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मटके में करें मशरूम की खेती

आज हम बात कर रहे हैं मशरूम की खेती के बारे में जिसको आप बिना जमीन के भी उगा सकते हैं। मशरूम की खेती कर आपको बहुत ही ज्यादा फायदा मिलेगा। मशरूम की खेती के लिए गेहूं के भूसे को एक बोरी में डालकर रात भर साफ पानी में भिगोया जाता है फिर भूसे को बाहर निकाल कर अतिरिक्त पानी निकाल दिया जाता है। जब भूसे में 70 से 80 प्रतिशत नमी रहती है तो मशरूम बुवाई के लिए तैयार हो जाता है। मशरूम की खेती अलग-अलग तरीकों से कर सकते हैं।

मशरूम के उत्पादन के लिए मटकों के छेद से रुई और पॉलिथीन को हटाया जाता है। दिन में मटकों पर 3 से 4 बार पानी का स्प्रे किया जाता है ताकि उसमें उचित नमी बनी रहे। 7 से 12 दिनों में जैसे ही कवक जाल फैलने लगता है तो मटकों के छोटे-छोटे छेद से मशरूम की कलियां निकालनी शुरू हो जाती है। मशरूम की कलियों का विकास करने के लिए उसमें रोशनी की आवश्यकता होती है जिसके कारण इसमें प्रतिदिन 5 से 6 घंटे ट्यूबलाइट या बल्ब का प्रकाश देना होता है जिससे कि कमरे में नमी भी बनी रहे और रोशनी भी जिससे आपका मशरूम बहुत ही अच्छा उपज देगा।

40 दिनों में मिलेगी बेहतरीन उपज

मटके में मशरूम उगाने की ये प्रक्रिया लगभग 30 से 40 दिनों तक चलती है। एक किलो भूसे से लगभग 600 से 800 ग्राम मशरूम मिलते हैं। पहली फसल से 10 से 15 दिन में दूसरी फसल भी आती है। मशरूम की पैदावार भूसे की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। भूसा जितना अच्छा होगा, मशरूम की गुणवत्ता भी उतनी ही अच्छी होगी। मशरूम के लिए हम अच्छे भूसे का उपयोग कर सकते हैं। जब आप मशरूम की तुड़ाई करते हैं तो ध्यान रखें कि इसकी घास को काटकर तुरंत ही हटा दें। उसके 2 घंटे बाद पैक करने के लिए इसके लिए छिद्रित पॉलिथीन का उपयोग करें। मशरूम को आप सुखाकर भी इस पैक कर सकते हैं। मशरूम को साफ करके मलमल के कपड़े में धूप में या हवादार कमरे में तीन से चार दिनों तक रखना चाहिए जिससे कि मशरूम अच्छी तरह से सूख जाए और इसमें किसी भी तरह की नमी न हो।

इन बातों का रखें ख्याल

मशरूम की खेती मटके में करने के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होता है। पानी छिड़कने का समय बहुत ही आवश्यक होता है। जैसे ही मशरूम तोड़ने योग्य हो रहा हो तो इसमें पानी जमा नहीं होना चाहिए। अन्यथा यह गल सकता है। पानी का स्प्रे हमेशा तोड़ने के बाद ही करें। कमरे की खिड़कियां और दरवाजे भी हर दिन 2 से 3 घंटे के लिए जरूर खोलें ताकि कार्बन डाइऑक्साइड निकल जाए और ऑक्सीजन मिल सके। मशरूम की खेती मटके में करने के लिए आप यह ध्यान रखें की डंठल अगर बड़ा हो तो इसका यह अभिप्राय है कि इस कमरे में ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में नहीं है। ऐसे समय खिड़कियों को अधिक समय तक खुला रखना चाहिए ताकि ऑक्सीजन आसानी से मिल सके।

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